Hindi love story
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Watch "Hindi love story" on xHamster. Featuring TintedEuphory71. Duration: 8:22. Language: HI. Published on 2026-10-07.
Transcript(1 words)
आलु, तुमही आपने जुर्म की सजा भूगतनी होगी जी जनाब, मैं आपनी सजा कबूल करता हूँ मेरे लालच ने मुझे यहांतक पहुचा दिया काश मैंने हलाल कमाई को ही अपनाया होता आज दुकान छोडी जल्दी खोल लेता हूँ आलु भाई, बाल जरा अच्छे से काटना फिकर मत करो, तुमही नया अंदाज पसंद आएगा आलु भाई, बस थोड़ा सा चोटा रखना बिल्कुल भाई, बिल्कुल, तुमहारी पसंद के मुटाबिक बाई, बाल टीक लगरे हैना बाई, बिल्कुल टीक लगरे है और बाई, मेरी जेब में पैसे तो थे क्या हूँ बाई, सब टीक तो है बाई, मेरे पैसे कही नजर नहीं आरे कोई भात नहीं, बाई, शायत गर रहेगाए हूंगे बाई, पारेशान होने की जरूरत नहीं गर जाकर दोबारा देखलेना, शायत वही रहेगाए हों ठीक है बाई, मैं गर जाकर देखलेटा हूं हा भई, आराम से देखलेना, फिकर मत करो अल्टा, हुँए आलु, बाल अच्टे काते अल्टा, हुए बभी, फिर मुलाकात होगी अगर हर ग्राहक के पास यतने पैसे हों, तो मेरी तो कुब कमाई हो सकती है. बस ये बात किसी को पता नहीं चलनी चाहिये. अप से मैं और जियादा होशियार रहूंगा. आस्लाम अलेकुम आलु भाई, बाल कत्वाने है. बस ये बात किसी को पता नहीं चलनी चाहिये. अप से मैं और जियादा होशियार रहूंगा. अस्लाम अलेकुम आलु भाई, बाल कत्वाने है. वालेकुम अस्लाम गजर भाई, आईए बेटिये. आलु भाई, बाल जरा चोटे कर देना. बिलकुल गजर भाई, अच्छा सा अंडास बना देता हूँ. आलु भाई, तुमहरी दुकान में अजीप सी बात है. अजीब बात, तुमहे क्या महसुस हूँ? आलु भाई, ये बत्वा यहां कैसे पडा है. बत्वा? औरे, मुजे भी समज नहीं आरही. रूको आलु भाई, पहले मुजे ये बत्वा दिखाओ दिखाओ. हा, हा भाई, बस अभी तुमहे देता हूँ. नहीं भाई, ये मेरा बत्वा नहीं है. अच्छा, फिर ये ज़रूर किसी और ग्राख का होगा. आलु भाई, इस दराज में क्या रखखा है. कुछ नहीं भाई, बस दुकान का समान है. आलु भाई, दराज खोलो. मुझे कुछ अजीब लगरा है. औरे भाई, तुम बेकार में शक कर रहो. आलु भाई, ये सब बट्वे यहां क्यो है. गाजर भाई, पहले मेरी बात तो सुनो. गाजर भाई, ये सब मेरी दुकान पर रहे गगे थे. फिर इने दराज में चुपाकर क्यों रखखा है. अब मुझे तमातर की बात समज आरी है. लकता है, उसके पैसे भी यही से गया बहुए थे. मैं अभी तमातर को बलाता हूँ. गाजर भाई, पहले मेरी बात सुन लो. गाजर भाई, तुमने मुझे फोरन क्यों बलाया? तमातर भाई, तुमहरी एक ज़रूरी चीज यहां मिली है. ये तुम मेरा बत्वा है? मैंने कहता ना, यहां कुछ गडब़ है. आलु भाई, मेरा बत्वा तुमहरी दाराज में कैसे आया? तमातर भाई, मुझे कुछ नहीं पता यह यह यह कैसे आगया? आलु भाई, अगर तुमहे कुछ नहीं पता, तु इतने बत्वे यहां क्यों है? मैं, मैं, मैं तुम दोनो को सब कुछ समजाता हूँ. हा, यह सब मेरी ही गलती है. मैं लालच मे आकर सब को दूका देता रहा. हा, यह बाहर इतना शोर किस बात का है. लकता है, सब को कुछ पता चल गया है. सब लोग सुनो, इस दराज में ग्राकों के बत्वे मिले है. और ये मेरा बत्वा है, जो मुझे यही से मिला. ये बत्वा ये मुझे मेले है. औरे, ये बत्वा तो मेरा है. तो फिर तुमारे पहसे भी यही से गयाब हुए थे, तो हम सपके सब के साथ भी यही हूँए फा. आब आलु की र pressed चवब के साथमने आग़े. मुछ दोग बरी गर्टी हूँई, मुछे माअव करने राई, गल्टी का एह सच्टी बाथ है, लेकन इसका अंजाम भी होगा, रहा, मुझे पूलीस को इस मामले की इतिला देनी होगी! मैं समज गया, अब मुजे अपने आमल का जबाब देना होगा आलू, हुमैं तुकान की शिकायत मिली है जी, जो कुच हुआ है, मैं सब सज बताओंगा मैंने लालच मे आखर ग्रहकों के पैसे चूराए तुम ने अपनी गलती कुछ तसलीम कर ली है आलू, तुम पर गहाकों को तुका देने का इल्जाम है जी, जनाब, मैं अपनी गलती तसलीम करता हूँ आलू, तुम ही अपने जुर्म की सजाए बहुगतनी होगी जी, जनाब, मैं अपनी सजाए कुबूल करता हूँ मेरे लालच ने मुझे यहान थक पहुचा दिया काश में आलाल कमाई को ही अपनाया होता अब जाब ही किषी किसी का हक नहीं लूंगा मैं महनत वह इमान्डारी से कमाई करुंगा मैं वाखास आगे हूँ लेकन अप सब कुछ सब बडल गया है मैं महनत और इमान्दारी से कमाई करूंगा मैं वापस आगया हूं, लेकिन अप सब कुछ बड़ल गया है अगर तुम वाखाई बड़ल गयो, तो हम तुमें एक मोका देंगे आलू भाई, अप तुमहरी दुकान पर भरोसा किया जासकता है शुक्रिया भाई, अब मेरी सब से बरी कमाई इमान्दारी है
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